बाहरी. झील किनारे का खेत - पहली रोशनी
SUPER: "पतझड़, 1887।"
पत्थर की दीवार के ऊपर चिमनी का धुआँ। MAREN (तीस-पैंतीस साल), लिनन की पोशाक पर ऊनी शॉल, जलती लालटेन लिए गेट पर खड़ी है। सूरज निकल चुका है। उसने फिर भी लालटेन जलाई।
झील की ओर जाते रास्ते पर ELIAS (चालीस-पैंतालीस साल), लंबा कोट, पीछे मुड़कर नहीं देखता।
MAREN
(इतना धीमे कि उस तक न पहुँचे)
तुमने कहा था, पहले पहिया ठीक करोगे।
उसका चेहरा। वो आँसू रोके रखती है, जब तक वो इतना दूर न चला जाए कि उन्हें देख न सके।
लालटेन के लोहे के छल्ले पर उसकी उँगलियों के जोड़ सफ़ेद पड़ जाते हैं।
गेट से टिका, गाड़ी का पहिया। टूटी तीलियाँ, किनारे पर ज़ंग। ये पूरी सर्दी इंतज़ार करेगा।
बजरी पर उसके जूते। कोट झूलता है। एक क़दम, फिर अगला।
घाटी खुलती है: झील, पहाड़, खेत, और एक रास्ते की दूरी पर दो आकृतियाँ।
फ़ेड आउट।

































