शॉट साइज़ गाइड

हर फ़्रेमिंग सामने, प्रॉम्प्ट कॉपी करने को तैयार

देखिए कि हर शॉट साइज़ फ़्रेम को ठीक कहाँ काटता है, दूर परिदृश्य में खोई एक आकृति से लेकर पूरे परदे को भरती दो आँखों तक, फिर वह प्रॉम्प्ट कॉपी कीजिए जो Veo, Sora, Runway, Kling या किसी भी इमेज मॉडल में वही फ़्रेमिंग बनाता है।

फ़्रेमिंग फ़िल्म भाषा का पहला शब्द है: वही पल चौड़े शॉट में भूगोल बनता है, मीडियम में बातचीत, और क्लोज़अप में इक़बालिया बयान। नीचे हर कार्ड एक ही विषय को क्लासिक सीढ़ी के एक साइज़ पर दिखाता है, ताकि फ़र्क़ बताया नहीं, दिखाया जाए।

फ़्रेमिंग के नमूने आपके ब्राउज़र में बनते हैं। प्रॉम्प्ट कॉपी करने से किसी सर्वर पर कुछ नहीं जाता।

Extreme wide shot

EWS

The subject is a small element in a vast environment; the location is the real subject of the frame.

कब इस्तेमाल करें: Openings, establishing geography, isolation, and scale - the world before the person.

extreme wide shot, the subject tiny in a vast landscape

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

A traveler crosses a salt flat at dawn, extreme wide shot, the subject tiny in a vast landscape, pastel sky.

Wide shot

WS

The full subject is visible with generous room around them; body and environment share the frame.

कब इस्तेमाल करें: Establishing a character in a place, blocking-heavy scenes, physical comedy.

wide shot showing the full subject and their surroundings

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

A mechanic stands in a cluttered garage doorway, wide shot showing the full subject and their surroundings.

Full shot

FS

The frame cuts just above the head and just below the feet: the body fills the height of the frame.

कब इस्तेमाल करें: Costumes, posture, and movement - showing exactly how a character carries themselves.

full shot framing the subject from head to toe

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

A dancer in rehearsal clothes holds a final pose, full shot framing the subject from head to toe, studio light.

Cowboy shot

MWS

The frame cuts at mid-thigh - historically to keep a gunslinger's holster visible.

कब इस्तेमाल करें: Confrontations and swagger; a power framing that keeps hands and hips in play.

cowboy shot framing the subject from mid-thigh up

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

A sheriff squares up in the saloon doorway, cowboy shot framing the subject from mid-thigh up, backlit dust.

Medium shot

MS

The frame cuts at the waist: close enough for expression, wide enough for gesture.

कब इस्तेमाल करें: The workhorse of dialogue - conversations, interviews, most scene coverage.

medium shot framing the subject from the waist up

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

A journalist leans into the interview question, medium shot framing the subject from the waist up, office bokeh.

Medium close-up

MCU

The frame cuts at the chest: the face leads, but shoulders keep body language alive.

कब इस्तेमाल करें: Emotional dialogue beats, reactions that still need a hint of posture.

medium close-up framing the subject from the chest up

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

A witness hesitates before answering, medium close-up framing the subject from the chest up, courtroom light.

Close-up

CU

The face fills the frame, cut around the shoulders; every micro-expression reads.

कब इस्तेमाल करें: Key emotional moments, decisions, the audience inside a character's head.

close-up on the subject's face

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

Tears she refuses to release, close-up on the subject's face, candlelight flickering.

Extreme close-up

ECU

A fragment of the face - usually the eyes - fills the entire frame.

कब इस्तेमाल करें: Maximum intensity: realization, terror, obsession, the western standoff stare.

extreme close-up on the subject's eyes

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

The moment the plan clicks into place, extreme close-up on the subject's eyes, reflected neon.

Insert shot

INSERT

A tight detail of an object or action - hands, a letter, a key turning - not a face.

कब इस्तेमाल करें: Story-critical props, cutaways that carry plot information, tactile texture.

insert shot, extreme close-up detail of the object

पूरा उदाहरण प्रॉम्प्ट देखिए

A brass key slides into an old lock, insert shot, extreme close-up detail of the object, shallow focus.

इस पन्ने का इस्तेमाल कैसे करें

वह फ़्रेमिंग चुनिए जो आपके पल की ज़रूरत के मुताबिक़ जितना संदर्भ चाहिए उतना दे, उसका प्रॉम्प्ट हिस्सा कॉपी कीजिए, और उसे अपने AI प्रॉम्प्ट की शुरुआत में रखिए, विषय और क्रिया से पहले, क्योंकि मॉडल शुरुआती शब्दों को ज़्यादा वज़न देते हैं। हर हिस्से में इंडस्ट्री का मानक शब्द है और साथ में आम भाषा का सहारा («विषय को कमर से ऊपर फ़्रेम करते हुए»), जो मॉडल को तब भी सही रखता है जब वह अकेले शब्द को ढीले ढंग से समझे। हर कार्ड का उदाहरण उस हिस्से को पूरे प्रॉम्प्ट में दिखाता है।

फ़िल्म और AI वीडियो जनरेशन में शॉट साइज़

फ़्रेमिंग की सीढ़ी फ़िल्म बनाने की सबसे पुरानी साझा शब्दावली है: बहुत चौड़ा, चौड़ा, पूरा, काउबॉय, मीडियम, मीडियम क्लोज़, क्लोज़, बहुत क्लोज़, और चीज़ों के लिए इंसर्ट। दुनिया भर की यूनिट इन्हीं शब्दों में स्टोरीबोर्ड बनाती हैं, शॉट सूची लिखती हैं और निर्देश देती हैं, और यही वजह है कि वर्णित फ़ुटेज पर सीखे AI मॉडल इन पर प्रतिक्रिया देते हैं।

दो पड़ोसी साइज़ के बीच असली फ़र्क़ यह है कि फ़्रेम में क्या बचा रहता है। मीडियम शॉट हाव-भाव रखता है; मीडियम क्लोज़ हाव-भाव के बदले चेहरा देता है; क्लोज़अप मुद्रा के बदले सूक्ष्म भाव देता है। पल की ज़रूरत से एक साइज़ चौड़ा या तंग माँगना ही वह वजह है जिससे AI के संवाद शॉट अक्सर बहुत दूर या बहुत तीखे लगते हैं।

सीक्वेंस तब पेशेवर लगते हैं जब साइज़ सोच-समझकर बदलते हैं: चौड़े से जगह बताइए, मीडियम में सीन खेलिए, क्लोज़अप पर मोड़ उतारिए, और जब कोई चीज़ कथानक आगे बढ़ाए तब इंसर्ट पर काटिए। इस अनुशासन से बनाए गए AI शॉट ऐसे कटते हैं जैसे असली कवरेज हो, न कि बिखरी तस्वीरों की रील।

यह किसके लिए है

  • AI से फ़िल्म बनाने वाले वही फ़्रेमिंग माँगिए जो आपने सोची थी, बजाय इसके कि क्रॉप सही होने तक दोबारा जनरेट करते रहें।
  • फ़िल्म छात्र फ़्रेमिंग की सीढ़ी वैसे ही सीखिए जैसे वह परदे पर दिखती है, हर साइज़ एक ही विषय पर।
  • निर्देशक और स्टोरीबोर्ड कलाकार एक ही विज़ुअल संदर्भ साझा कीजिए, ताकि बोर्ड, शॉट सूची और AI प्रॉम्प्ट सब एक ही साइज़ भाषा बोलें।

शॉट आकार गाइड: पूरी गाइड

यह फ़्रेमिंग की पूरी सीढ़ी एक ही विषय पर दिखाता है, बहुत चौड़े से बहुत नज़दीक तक, साथ में इंसर्ट शॉट, और हर एक के साथ AI वीडियो तथा तस्वीर के लिए कॉपी करने लायक़ प्रॉम्प्ट टुकड़ा।

इस काम में असली दिक़्क़त साफ़ है: शॉट के आकार लिखी परिभाषाओं से सीखे जाते हैं, इसलिए लोग 'मीडियम शॉट' लिखते हैं और क्लोज़-अप की उम्मीद करते हैं, और ऐसे ख़ाने बनाते हैं जो सेट पर इन शब्दों के असली मतलब से मेल नहीं खाते। इसे यूँ ही छोड़ दिया जाए तो आगे के चरणों में रगड़ पैदा होती है और फ़ैसले धीमे पड़ जाते हैं। असल लक्ष्य है आप ठीक-ठीक देखते हैं कि हर फ़्रेमिंग शरीर को कहाँ काटती है, और वही शब्द कॉपी करते हैं जो AI मॉडल में वही फ़्रेमिंग बनाते हैं।

यह सीमा याद रखिए: फ़्रेमिंग परंपराएँ हैं, क़ानून नहीं: 'मीडियम शॉट' का कटाव बिंदु प्रोडक्शन दर प्रोडक्शन थोड़ा बदलता है, और AI मॉडल भी इन शब्दों को उसी छोटी छूट के साथ समझते हैं।

आगे का इस्तेमाल: निर्देशक कवरेज की योजना जानबूझकर आकार बदलते हुए बनाते हैं: जगह बताने के लिए चौड़ा, संवाद के लिए मीडियम, मोड़ के लिए क्लोज़-अप। उसी अनुशासन से AI शॉट माँगने पर ऐसे सीक्वेंस बनते हैं जो असली कवरेज की तरह कटते हैं।

क़दम दर क़दम तरीक़ा

  1. पहचानिए कि आपके पल को कौन सी फ़्रेमिंग चाहिए: कितना शरीर, कितना परिवेश, कितना चेहरा।
  2. प्रॉम्प्ट का टुकड़ा कॉपी कीजिए और उसी से अपना प्रॉम्प्ट शुरू कीजिए, विषय और क्रिया से पहले।
  3. उदाहरण खोलकर देखिए कि वह फ़्रेमिंग पूरे, सही क्रम वाले प्रॉम्प्ट में कैसी लगती है।
  4. सीक्वेंस बनाते वक़्त आकार वैसे ही बदलिए जैसे असली कवरेज करती है: चौड़ा, मीडियम, क्लोज़, इंसर्ट।

किसके लिए, किस काम में

  • AI फ़िल्मकार: वही फ़्रेमिंग माँगिए जो आपने स्टोरीबोर्ड में बनाई थी, बार-बार बनाकर सही लगने का इंतज़ार करने के बजाय।
  • छात्र: फ़्रेमिंग की सीढ़ी आँख से सीखिए, जैसी वह फ़्रेम में दिखती है, शब्दकोश में नहीं।
  • स्टोरीबोर्ड कलाकार: निर्देशकों और AI पाइपलाइन दोनों के साथ आकार की एक ही शब्दावली साझा कीजिए।

आम ग़लतियाँ जिनसे बचिए

  • 'क्लोज़-अप' माँगना जब पल को छाती तक की देह भाषा चाहिए: वह मीडियम क्लोज़-अप है।
  • बहुत चौड़े से सीधे बहुत नज़दीक पर कूद जाना, बीच में कुछ रखे बिना, जिससे कट खटकते हैं।
  • इंसर्ट शॉट भूल जाना: कहानी के लिए अहम चीज़ अपनी फ़्रेमिंग माँगती है, चौड़े शॉट का कोना नहीं।

पेशे के आज़माए तरीक़े

  • प्रॉम्प्ट आकार से शुरू कीजिए ('मीडियम शॉट, जिसमें...') - मॉडल शुरू के शब्दों को ज़्यादा वज़न देते हैं।
  • टकराव के सीनों में काउबॉय शॉट गुप्त हथियार है: ताक़त, और हाथ भी फ़्रेम में।
  • संवाद की कवरेज के लिए दोनों किरदारों के मेल खाते मीडियम क्लोज़-अप बनाइए, तो शॉट-रिवर्स-शॉट साफ़ बैठता है।

इस टूल के नतीजे को फ़ैसले में मदद मानिए, लिखाई की जगह नहीं। अच्छी पटकथा अपने ठोस चुनावों, भावनात्मक सटीकता और नाटकीय गति की साफ़गोई से याद रह जाती है। टूल का काम शोर हटाना है, ताकि आपकी ऊर्जा वहाँ लगे जहाँ मायने रखता है: किरदार, टकराव, चढ़ाव और भुगतान। हर दौर के बाद नतीजे दोबारा देखिए और जो बदलाव आपने माने उनका हिसाब रखिए, तो आपका तरीक़ा हर ड्राफ़्ट के साथ तेज़ और ज़्यादा भरोसेमंद होता जाता है। पेशेवर साथी इसी टिकाऊपन को क़ीमत देते हैं: कम चौंकाने वाली बातें, ज़्यादा साफ़ वजहें, और एक पटकथा जो सोच-समझकर आगे बढ़ती है।

विस्तार से सवाल

मानक शॉट आकार कौन से हैं?

शास्त्रीय सीढ़ी है बहुत चौड़ा शॉट, चौड़ा शॉट, पूरा शॉट, काउबॉय (मीडियम वाइड), मीडियम शॉट, मीडियम क्लोज़-अप, क्लोज़-अप, और बहुत नज़दीक का शॉट, साथ में चीज़ों के ब्योरे के लिए इंसर्ट शॉट। हर एक इस पन्ने पर दिखता है, अपने AI प्रॉम्प्ट के साथ।

मीडियम शॉट और क्लोज़-अप में क्या फ़र्क़ है?

मीडियम शॉट कमर पर काटता है और हाव-भाव तथा देह भाषा फ़्रेम में रखता है; क्लोज़-अप फ़्रेम को चेहरे से भर देता है और कंधों के आसपास काटता है। दोनों के बीच है मीडियम क्लोज़-अप, जो छाती पर कटता है।

काउबॉय शॉट क्या है?

ऐसी फ़्रेमिंग जो जाँघ के बीच काटती है, नाम उन वेस्टर्न से आया जहाँ बंदूक़ का खोल दिखना ज़रूरी था। यह ताक़त की फ़्रेमिंग की तरह पढ़ी जाती है: मीडियम शॉट से ऊँची, हाथ और कूल्हे अब भी खेल में।

क्या AI वीडियो प्रॉम्प्ट में आकार वाले शब्द चलते हैं?

हाँ, सभी बड़े मॉडल (Veo, Sora, Runway, Kling, Seedance) मानक फ़्रेमिंग शब्दावली समझते हैं। सबसे भरोसेमंद नतीजे के लिए प्रॉम्प्ट आकार वाले शब्द से शुरू कीजिए, क्योंकि मॉडल शुरू के शब्दों को ज़्यादा वज़न देते हैं।

इंसर्ट शॉट क्या है?

चेहरे के बजाय किसी चीज़ या क्रिया का कसा हुआ ब्योरा शॉट: घूमती चाबी, एक चिट्ठी, कीबोर्ड पर हाथ। इंसर्ट कथानक की जानकारी उठाते हैं और संपादन को साँस लेने की जगह देते हैं।

सही शॉट आकार कैसे चुनूँ?

पूछिए कि इस पल को कितना संदर्भ चाहिए। परिवेश और भूगोल चौड़े माँगते हैं, संवाद मीडियम, भावना क्लोज़-अप, और कहानी के लिए अहम चीज़ें इंसर्ट। सीक्वेंस तब सबसे अच्छे चलते हैं जब आकार जानबूझकर बदलते रहें, असली कवरेज की तरह।

FAQ

आम सवाल

बहुत चौड़ा, चौड़ा, पूरा, काउबॉय (मीडियम वाइड), मीडियम, मीडियम क्लोज़, क्लोज़ और बहुत क्लोज़, साथ में चीज़ों के ब्योरे के लिए इंसर्ट शॉट। ये नौ ऊपर एक ही विषय पर दिखाए गए हैं।

मीडियम शॉट कमर पर काटता है और हाथ तथा हाव-भाव फ़्रेम में रखता है। मीडियम क्लोज़ छाती पर काटता है: चेहरा आगे रहता है, और कंधा उतना ही बचता है कि शरीर की भाषा जीवित रहे।

हाँ। Veo, Sora, Runway, Kling और Seedance सब मानक फ़्रेमिंग शब्दावली पर प्रतिक्रिया देते हैं। प्रॉम्प्ट की शुरुआत साइज़ के शब्द से कीजिए और आम भाषा का सहारा साथ रखिए, जैसा यहाँ के कॉपी करने लायक हिस्से करते हैं।

टकराव और तेवर के लिए। जाँघ के बीच से काटकर यह हाथ और कमर को खेल में रखता है और मीडियम शॉट से ज़्यादा ऊँचा लगता है, इसी वजह से वेस्टर्न ने इसे गढ़ा और थ्रिलर ने इसे रखा।

फ़्रेमिंग को उस संदर्भ से मिलाइए जो उस पल को चाहिए: भूगोल के लिए चौड़ा, संवाद के लिए मीडियम, भाव के लिए क्लोज़, और कथानक के लिए ज़रूरी चीज़ों के लिए इंसर्ट। फिर पूरे सीक्वेंस में साइज़ वैसे ही बदलते रहिए जैसे असली कवरेज करती है।

Preview of ScreenWeaver visual timeline and script rhythm

शॉट फ़्रेम कीजिए, फिर उसके इर्द-गिर्द फ़िल्म बनाइए

ScreenWeaver आपकी स्क्रिप्ट को ऐसे स्टोरीबोर्ड और शॉट सूची से जोड़ता है जहाँ हर पैनल अपना शॉट साइज़ जानता है, ताकि फ़्रेमिंग के फ़ैसले पूरी यूनिट के पढ़ने लायक योजना बन जाएँ। मुफ़्त शुरू कीजिए।

अपनी कवरेज की योजना मुफ़्त बनाइए